युवा वर्ग मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत करें आवेदन — उपायुक्त अपूर्व देवगन
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चंबा।उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि  मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अन्तर्गत विभाग को भौतिक लक्ष्य प्राप्त हो चुके  हैं। इच्छुक पात्र  युवा वर्ग  इस योजना के अन्तर्गत आवेदन कर सकते हैं। 

उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत लघु सेवा व व्यावसायिक उद्यमों की सूची के  अतिरिक्त  अन्य विभिन्न गतिविधियों  एवं कार्यों को शामिल किया गया है। उद्यम  या स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक   युवा वर्ग प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकते हैं । उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत  एक करोड़ रुपयों तक की राशि  की परियोजनाओं को स्वीकृति का प्रावधान है।  उधम के लिए प्लॉट इत्यादि विकसित करने को लेकर  60 लाख रुपए की सीमा निर्धारित है।  आवश्यक मशीनरी और उपकरणों के लिए  25 प्रतिशत निवेश अनुदान जबकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति  वर्ग से संबंधित  पात्र लोगों के लिए 30 प्रतिशत तथा महिला उद्यमियों के लिए  35 प्रतिशत निवेश अनुदान का प्रावधान है । छोटे माल वाहक  वाहन और फूड वैन  के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू करने वाले  लोगों के  लिए 10 लाख रुपयों तक  की राशि  का भी प्रावधान है। अपूर्व देवगन ने  बताया कि वित्तीय बैंक द्वारा 60 लाख  रुपए के स्वीकृत ऋण मामलों पर आगामी तीन वर्षों तक  पांच प्रतिशत की दर से  ऋण उपदान (लोन सब्सिडी) भी दिया जाता है। इसी तरह प्रदेश सरकार द्वारा बैंक गारंटी  के रूप में सीजीटीएमएसई ( CGTMSE) योजना के अंतर्गत प्रोसेसिंग फीस देने का प्रावधान भी रखा गया है । साथ में उन्होंने यह भी बताया कि उधम के लिए सरकारी भूमि की उपलब्धता पर राजस्व विभाग की अधिसूचना के उपरांत एक प्रतिशत की दर से  भूमि  को पटटे पर  उपलब्ध करवाया जाता है । महाप्रबंधक ज़िला उद्योग केंद्र  चंद्रभूषण ने योजना से संबंधित  अधिक जानकारी देते हुए  बताया कि 18 से 45 वर्ष की आयु के हिमाचली युवा तथा  महिला वर्ग के मामले में ऊपरी आयु सीमा में पाँच वर्ष की छूट  के साथ उद्योग, सर्विस सेक्टर जो कि उद्यमी द्वारा स्वयं संचालित हो  या स्थापित करना चाहता है।  इसके अतिरिक्त गतिविधियां जैसे परिरक्षित चारा ईकाइयों की स्थापना, उन्नत डेयरी विकास परियोजना (10 गाय-भैसों की एक ईकाई ), दूध और दुग्ध उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की स्थापना, फार्म स्टे एग्रो पर्यटन व फार्म पर्यटन, कृषि के लिए खुदरा दुकानों का निर्माण, कृषि उपकरणों व औजारों का निर्माण, सब्जी नर्सरी तैयार करना, उत्तक संवर्धन प्रयोगशाला, कृषि उत्पादों का भंडारण और परिवहन, इंटरनेट आफ थिंग्ज आधारित वर्टिकल फार्मिग,  पैट्रोल पम्प, ईवी चार्जिंग स्टेशन, एंबुलेंस, रेशम प्रसंसकरण ईकाई, रेशम रीलिंग ईकाईयां, आक्सीजन प्रायोजेनिक टैंकर सेवाएं, सर्वेयर यूनिट और  ड्रिलिंग  यूनिट शामिल की गई है।

आवेदन उद्योग विभाग की वैबसाईट इमर्जिंग हिमाचल डॉट एचपी डॉट गॉव डॉट इन

(http://emerginghimachal.hp.govt.in) पर  लॉगिन करके किया जा सकता है ।

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